Monday, 10 August 2020

जीने की राह

 तीन नियम

1-यादे अर्थात हमारा बीता हुआ कल।सपने यानी आने बाला कल।अच्छी बुरी यादें हमे अपनी ओर आकर्षित करती हैं जेहन मे बनी रहती है।पर, उनमे अटके रहना सही नही होता।ऐसा करना हमे अपने आने बाले कल से दूर कर देता है।अकेलापन बढता हैऔर जीबन नीरस होने लगता है।अमेरिकी बिजनिसमैन डगल्स आइवेस्टर कहते हैं," अपनी यादों कोअपने सपनो‌ से बडा मत होने दो।"

2-इच्छायें करे और उनके लिए खुद को तैयार करते रहें।अवसर हमारे सामने क ई रूपों मे हमारे सामने होते है।जब हम तैयार होतभी उनको पकडा जा सकता है।उद्यमी जिन रान का कथन है,"यह न सोचें कि काम आसान हो,बरन भावना यह रखें कि आप उसे करने मे बेहतर बन जायें।

3-जीवन मे जितने भी सपने हम देखते है।,बे पूरे होगे ऐसा भरोसा कैसे संभव है।अगर हमें‌ यही लगता हैकि हम‌अपने लक्ष्यों को पूरा नही कर सकते तो वे पूरे हो ही नही सकते।हमे अपने सपनों पर विश्वास करना भी सीखना होगा ।नेपोलियन का मत है,"हमारा दिमाग जो कुछ भी सोच पाता है,जिस पर भरोसा रखता है,उसे हासिल भी कर सकता है।"

Govind parashari

Thinkers choice 

No comments:

Post a Comment

Hallo

Naye rang

जीवन का‌ मकसद।

तुम साथ न दो मेरा ,चलना मुझे आता है। हर आग से वाकिफ  हूं जलना मुझे आता है ।। तकवीर के हाथॊ से तकदीर बदलनी है । जिंदगी और कुछ भी नही तेरी मेर...